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'सर!
आप पहले क्यों नहीं मिले?

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दीपिका राव
'सर!
आप मुझे पहले क्यों नहीं मिले? अगर आप
पहले मिले होते तो शायद आज मैं कहीं और...कुछ और ही होती। संजय
सर से बातें करते हुए या फिर उनके बारे में किसी और से बातें
करते हुए यही बात मैं अक्सर कह जाती हूँ।
वाकई में जिंदगी के सही मोड़ पर सही व्यक्ति सही रास्ता दिखा
जाए तो हम सही वक्त पर अपनी जिंदगी के सही मुकाम पर पहुंच जाते
हैं। मुझे अफसोस होता है कि कालेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद
गुरू घासीदास यूनिवर्सिटी,
बिलासपुर के बीजे की क्लास में संजय सर मुझे पहली बार और बहुत
देर से मिले। यह सिर्फ उन्हीं का कमाल था कि उनकी क्लास में
आखिरी बेंच तक भरी होती थी। विषय की बारीकियों को छात्रों के
स्तर पर पहुंचकर समझाने की क्षमता मैंने सिर्फ उन्हीं के पास
देखी है। वे हर उम्र के लोगों तक, उनके
दिमाग तक पहुंचकर बातें करते हैं।
मैंने महसूस किया है कि संजय सर की बातों से एक अलग तरह की
पाजिटिव एनर्जी मिलती है,
जो हमें भी जोश से भर जाती है। वही चिर-परिचित
जुमले, ठहाकों के बीच वे बहुत गंभीर
बात बहुत ही सहज तरीके से कह देते हैं। वे लिखते भी इसी तरह
हैं एकदम सीधे सपाट मगर बहुत ही गंभीर।
जिंदगी में कई बार ऐसे मौके आए,
जब मैं दोराहे पर थी और समझ नहीं आता था कि
आगे क्या करूं? ऐसे हर समय में मैं
संजय सर को ही याद करती हूँ। मुझे लगता है कि उनके पास हर
समस्या का समाधान है...मैंने ये हर बार महसूस किया है। वे एक
बहुत अच्छे काउंसलर भी हैं। एक बार परिस्थितियां कुछ ऐसी बनी
कि मुझे भोपाल में नौकरी छोड़कर वापस बिलासपुर आना पड़ा। परिवार
में कुछ ऐसा घटा कि कुछ करने की इच्छा ही लगभग खत्म हो गई,
तब संजय सर ने ही हरिभूमि,
रायपुर में काम दिया और मैंने अपना खोया हुआ
आत्मविश्वास फिर से हासिल किया। अब भी मैं जहां भी हूँ और शायद
आगे भी जहां भी रहूँगी संजय सर के आशीर्वाद,
स्नेह के साथ ही। कहने की बातें तो बहुत सारी
हैं पर उन सभी को मैं शब्द नहीं दे सकती। कुछ बातें सिर्फ
अहसास करने की होती है...मैं यही कह सकती हूँ कि मेरी छोटी सी
जिंदगी में संजय सर का होना मेरी जिंदगी को सार्थक करता है।
ऐसा वे सभी लोग महसूस करते हैं, जो
संजय सर को करीब से जानते हैं। यही वजह है कि एक शायर की ये
लाइन मैं संजय सर के लिए बार-बार दोहरा सकती हूँ-
'हमने
देखा है ऐसे खुदाओं को यहां,
सामने जिनके सच का खुदा कुछ भी नहीं।
(मई 17, 2008)
रेडियो जाकी,
रेडियो रंगीला,
रायपुर
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